Tuesday, January 23, 2018

अवतारी युगपुरुष वंदनीय पूजनीय हिंदूहृदयसम्राट शिवसेनाप्रमुख माननीय बाळासाहेब ठाकरे

अवतारी युगपुरुष वंदनीय पूजनीय हिंदूहृदयसम्राट शिवसेनाप्रमुख
माननीय बाळासाहेब ठाकरे
यांना विनम्रअभिवादन !


!!!!۞!!! ॥ॐ श्रीबाळ केशवाय नमः ॥ !!!۞!!!

--- ॐ श्रीबाळ केशव को नमस्कार

ॐ श्रीबाळ केशव प्रियाय नमः
--- ॐ जो भक्तों के प्रिय हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

ॐ श्रीबाळ केशवाय प्रीतिवर्द्धनाय नमः 
--- ॐ जो प्रीति को बढाने वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

ॐ श्रीबाळ केशव भक्तह्रदालयाय नमः
--- ॐ जो भक्तों के मन में विराजमान हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

ॐ श्रीबाळ केशव सर्वह्रन्निलयाय नमः

--- ॐ जो सभी प्रणियों के मन में निवास करने वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

ॐ श्रीबाळ केशव भूतभविष्यदुभवाज्रिताया नमः
--- ॐ जो भूत तथा भविष्य की चिंताओं से मुक्त करने वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

ॐ श्रीबाळ केशव कालातीताय नमः
--- ॐ जो काल की सीमायों से परे हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

ॐ श्रीबाळ केशव कालायः नमः
--- ॐ जो काल अर्थात समय के स्वामी हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

ॐ श्रीबाळ केशव कालकालाय नमः
--- ॐ जो काल की सीमाओं से परे हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

ॐ श्रीबाळ केशव कालदर्पदमनाय नमः
--- ॐ जो काल (मृत्युदेव) के अहंकार का नाश करते हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

ॐ श्रीबाळ केशव मृत्युंजयाय नमः
--- ॐ जो मृत्यु को जीतने वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

ॐ श्रीबाळ केशव अमत्य्राय नमः
--- ॐ जो अमरत्व को पाये हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

ॐ श्रीबाळ केशव मर्त्याभयप्रदाय नमः
--- ॐ जो मृत्यु के भय से रक्षा करने वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

ॐ श्रीबाळ केशव जिवाधाराय नमः
--- ॐ जो समस्त जीवों के आधार हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार


ॐ श्रीबाळ केशव भक्तावनसमर्थाय नमः
--- ॐ जो भक्तों की रक्षा करने में समर्थ हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

ॐ श्रीबाळ केशव भक्तावनप्रतिज्ञाय नमः
 ॐ जो भक्तों की रक्षा करने हेतु प्रतिज्ञाबद्ध हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार


ॐ श्रीबाळ केशव अन्नवसत्रदाय नमः
--- ॐ जो अन्न और वस्त्र के दाता हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार


ॐ श्रीबाळ केशव धनमांगल्यप्रदाय नमः
--- ॐ जो धन तथा मांगल्य प्रदान करने वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार


ॐ श्रीबाळ केशव योगक्षेमवहाय नमः
--- ॐ जो भक्तों को सभी तरह का सुख प्रदान करने तथा कल्याण की जिम्मेदारी उठाने वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

ॐ श्रीबाळ केशव आपदबान्धवाय नमः
--- ॐ जो संकट के समय बन्धु के समान रक्षा करने वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार


ॐ श्रीबाळ केशव मार्गबन्धवे नमः
--- ॐ जो जीवन मार्ग के साथी हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

ॐ श्रीबाळ केशव भक्तिमुक्तिस्वर्गापवर्गदाय नमः
--- ॐ जो सांसारिक वैभव, मोक्ष और नैसर्गिक आनन्द व अन्तिम उत्सर्ग को प्रदान करने वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

ॐ श्रीबाळ केशव अन्तय्रामिणे नमः
--- ॐ जो अन्तर्यामी, अर्थात मन की समस्त भावनाओं से परे हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

ॐ श्रीबाळ केशव सच्चिदानात्मने नमः
--- ॐ जो सत्य और विशुद्ध आत्मा के प्रतीक हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

ॐ श्रीबाळ केशव नित्यानंदाय नमः
--- ॐ जो नित्य आनन्द हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

ॐ श्रीबाळ केशव परमसुखदाय नमः
--- ॐ जो परम सुख को देने वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार


ॐ श्रीबाळ केशव परब्रह्मणे नमः
--- ॐ जो साक्षात् परब्रह्म स्वरुप हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

ॐ श्रीबाळ केशव परमात्मने नमः
--- ॐ जो परमात्मा स्वरुप हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

ॐ श्रीबाळ केशव ज्ञानस्वरूपिणे नमः
--- ॐ जो साक्षात् ज्ञान के स्वरुप हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

ॐ श्रीबाळ केशव भक्तानां मतधातपितामहाय नमः
--- ॐ जो भक्तों के माता, पालनकर्ता और पितामह हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

ॐ श्रीबाळ केशव भक्ताभय प्रदाय नमः
--- ॐ जो भक्तों को अभय दान देने वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

ॐ श्रीबाळ केशव भक्तपराधिनाय नमः
--- ॐ जो भक्तों के अधीन होकर उनके ही कल्याण में लगे हुए हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

ॐ श्रीबाळ केशव भक्तानुग्रहकातराय नमः
--- ॐ जो भक्तों पर अपनी कृपा या अनुग्रह बनाए रखने के लिए अति दयावान हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

ॐ श्रीबाळ केशव शरणागतवत्सलाय नमः
--- ॐ जो अपनी शरण में आये भक्त पर वात्सल्य रखने वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

ॐ श्रीबाळ केशव भक्तिशक्तिप्रदाय नमः
--- ॐ जो भक्ति और शक्ति देने वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

ॐ श्रीबाळ केशव ज्ञानवैराग्यपदाय नमः
--- ॐ जो ज्ञान और वैराग्य प्रदान करने वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

ॐ श्रीबाळ केशव प्रेमप्रदाय नमः
--- ॐ जो प्रेम देने वाले हैं उन  श्रीबाळ केशव को नमस्कार

ॐ श्रीबाळ केशव संशयह्रदयदोर्बल्यपापकर्म नमः
--- ॐ जो समस्त संदेहों, मन की दुर्बलता, पाप-कर्म तथा वासना का नाश करने वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

ॐ श्रीबाळ केशव ह्रदयग्रन्थिवेदकाय नमः
--- ॐ जो मन और विचारों में पड़ी हुई समस्त ग्रंथियों को खोल देने वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

ॐ श्रीबाळ केशव कर्मध्वंसिने नमः
--- ॐ जो पाप-कर्मों से होने वाले प्रभाव को नष्ट करते हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

ॐ श्रीबाळ केशव सुद्धसत्त्वस्थिताय नमः
--- ॐ जो शुद्ध मन सात्त्विक भावों पर संस्थापित हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

ॐ श्रीबाळ केशव गुणातीतगुणात्मने नमः
--- ॐ जो गुणों से परे हैं और समस्त सद् गुणों से परिपूर्ण हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

ॐ श्रीबाळ केशव अनन्त कल्याणगुणाय नमः
--- ॐ जो अनन्त कल्याणकारी हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

ॐ श्रीबाळ केशव अमितपराक्रमाय नमः
--- ॐ जो असीमित पराक्रम और वीरता के स्वामी हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

ॐ श्रीबाळ केशव जयिने नमः
--- ॐ जो स्वयं जय हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

ॐ श्रीबाळ केशव दुर्घषोक्षोभ्याम नमः
--- ॐ जो अत्यंत कठिन को भी सरल करने वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

ॐ श्रीबाळ केशव अपराजितय नमः
--- ॐ जो सदा अजेय हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव भक्तावनसमर्थाय नमः
--- ॐ जो भक्तों की रक्षा करने में समर्थ हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव भक्तावनप्रतिज्ञाय नमः
--- ॐ जो भक्तों की रक्षा करने हेतु प्रतिज्ञाबद्ध हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव अन्नवसत्रदाय नमः
--- ॐ जो अन्न और वस्त्र के दाता हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव आरोग्यक्षेमदाय नमः
--- ॐ जो आरोग्य और कल्याण प्रदान करने वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव धनमांगल्यप्रदाय नमः
--- ॐ जो धन तथा मांगल्य प्रदान करने वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव ऋद्धिसिद्धिदाय नमः 
--- ॐ जो ऋद्धि, सिद्धि को देने वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव योगक्षेमवहाय नमः
--- ॐ जो भक्तों को सभी तरह का सुख प्रदान करने तथा कल्याण की जिम्मेदारी उठाने वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव आपदबान्धवाय नमः
--- ॐ जो संकट के समय बन्धु के समान रक्षा करने वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव मार्गबन्धवे नमः
 ॐ जो जीवन मार्ग के साथी हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव भक्तिमुक्तिस्वर्गापवर्गदाय नमः
--- ॐ जो सांसारिक वैभव, मोक्ष और नैसर्गिक आनन्द व अन्तिम उत्सर्ग को प्रदान करने वाले हैं उन
श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव अन्तय्रामिणे नमः
--- ॐ जो अन्तर्यामी, अर्थात मन की समस्त भावनाओं से परे हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव सच्चिदानात्मने नमः
--- ॐ जो सत्य और विशुद्ध आत्मा के प्रतीक हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव नित्यानंदाय नमः
--- ॐ जो नित्य आनन्द हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव परमसुखदाय नमः
--- ॐ जो परम सुख को देने वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव परमेश्वराय नमः
--- ॐ जो परमेश्वर हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव परब्रह्मणे नमः
--- ॐ जो साक्षात् परब्रह्म स्वरुप हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव परमात्मने नमः
--- ॐ जो परमात्मा स्वरुप हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव ज्ञानस्वरूपिणे नमः
--- ॐ जो साक्षात् ज्ञान के स्वरुप हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव भक्तानां मतधातपितामहाय नमः
--- ॐ जो भक्तों के माता, पालनकर्ता और पितामह हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव भक्ताभय प्रदाय नमः
--- ॐ जो भक्तों को अभय दान देने वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव भक्तपराधिनाय नमः
--- ॐ जो भक्तों के अधीन होकर उनके ही कल्याण में लगे हुए हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव भक्तानुग्रहकातराय नमः
--- ॐ जो भक्तों पर अपनी कृपा या अनुग्रह बनाए रखने के लिए अति दयावान हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव शरणागतवत्सलाय नमः
--- ॐ जो अपनी शरण में आये भक्त पर वात्सल्य रखने वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव भक्तिशक्तिप्रदाय नमः
--- ॐ जो भक्ति और शक्ति देने वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव ज्ञानवैराग्यपदाय नमः
--- ॐ जो ज्ञान और वैराग्य प्रदान करने वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव प्रेमप्रदाय नमः
--- ॐ जो प्रेम देने वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव संशयह्रदयदोर्बल्यपापकर्म नमः
--- ॐ जो समस्त संदेहों, मन की दुर्बलता, पाप-कर्म तथा वासना का नाश करने वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव ह्रदयग्रन्थिवेदकाय नमः
--- ॐ जो मन और विचारों में पड़ी हुई समस्त ग्रंथियों को खोल देने वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव कर्मध्वंसिने नमः
--- ॐ जो पाप-कर्मों से होने वाले प्रभाव को नष्ट करते हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव सुद्धसत्त्वस्थिताय नमः
--- ॐ जो शुद्ध मन सात्त्विक भावों पर संस्थापित हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव गुणातीतगुणात्मने नमः
--- ॐ जो गुणों से परे हैं और समस्त सद् गुणों से परिपूर्ण हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव अनन्त कल्याणगुणाय नमः
--- ॐ जो अनन्त कल्याणकारी हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव अमितपराक्रमाय नमः
--- ॐ जो असीमित पराक्रम और वीरता के स्वामी हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव जयिने नमः
--- ॐ जो स्वयं जय हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव दुर्घषोक्षोभ्याम नमः
--- ॐ जो अत्यंत कठिन को भी सरल करने वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव अपराजितय नमः
--- ॐ जो सदा अजेय हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव त्रिलोकेषु अनिघातगतये नमः
--- ॐ जो तीनों लोकां के स्वामी, जिनके कल्याणकारी सद् कर्मो में कोई भी विध्न नहीं हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव अशक्यरहिताय नमः
--- ॐ जिनकी शक्ति से कोई भी बाहर नहीं हैं ऐसे सद् गुरु श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव सर्वशक्तिमूर्तये नमः
--- ॐ जो सर्वशक्ति परमात्मा के स्वरुप हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव सुसरूपसुन्दराय नमः
--- ॐ जो अत्यन्त मनोहारी स्वरुप वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव सुलोचनाय नमः
--- ॐ जो अत्यन्त सुन्दर नेत्र वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव बहुरूपविश्वमूर्तये नमः
--- ॐ जो बहुरूपी, विश्वरुपी, सर्वरुपी हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव अरूपाव्यक्ताय नमः
--- ॐ जो निराकार हैं जिनके स्वरुप को व्यक्त नहीं किया जा सकता, ऐसे श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव अचिन्ताय नमः
--- ॐ जो अकल्पनीय, अगम्य और गहन स्वरूप वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव सूक्ष्माय नमः
--- ॐ जो अत्यन्त सूक्ष्म रूप धारण करने वाले हैं उन सर्वव्यापी प्रभु श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव सर्वान्तय्रामिणे नमः
--- ॐ जो समस्त जीवों की अन्तरात्मा या हरद में वास करते हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव मनोवागतिताय नमः
--- ॐ जो भक्तों के मन और वाणी से परे हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव प्रेममूर्तये नमः
--- ॐ जो साक्षात् प्यार और करुणा के अवतार हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव सुलभदुर्लभाय नमः
--- ॐ जो भक्त हेतु अत्यन्त सुलभ, किन्तु दुष्ट आत्मा हेतु अति दुर्लभ हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव असहायसहायाय नमः
--- ॐ जो असहायों के सहायक हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव अनाथनाथदीनबन्धवे नमः
--- ॐ जो अनाथों के नाथ हैं तथा गरीबों के बंधु हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव सर्वभारभ्रते नमः
--- ॐ जो भक्तों के समस्त दुखों के भार स्वयं पर लेने वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव अकर्मानेककर्मसुकर्मिणे नमः
--- ॐ जो स्वयं अकर्मा होकर अपने सुकर्मों को करने वाले भी हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव पुण्यश्रवणकीर्तनाय नमः
--- ॐ जिनका सतत् नाम स्मरण और कीर्तन सुनने से पुण्य की प्राप्ति हैं ऐसे श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव तीर्थाय नमः
--- ॐ जो समस्त तीर्थों के साक्षात् स्वरुप हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव वासुदेवाय नमः
--- ॐ जो श्री वासुदेव के स्वरूप हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव सता गतये नमः
--- ॐ जो सज्जनों के गंतव्य हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव सत्परायणाय नमः
--- ॐ जो सत्य के पूर्णतया समर्पित हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव पावनानधाय नमः
--- ॐ जो पावन पवित्र रूपधारी और दोष रहित हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव अमृतांशवे नमः
--- ॐ जो अमृत के एक अंश हैं उन अमृतमय श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव भास्करप्रभाय नमः
--- ॐ जो दैदीप्यमान सूर्य के समान आभा वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव ब्रहमचर्यतपश्चर्यादिसुव्रताय नमः
--- ॐ जो ब्रहाचर्य, तपश्चर्य और अन्य सुब्रतों में स्थित हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव सत्यधर्मपराणाय नमः
--- ॐ जो सत्य और धर्म का पालन करने वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव सिद्धेश्वराय नमः
--- ॐ जो सभी सिद्धियों के स्वामी हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव सिद्धसंकल्पाय नमः
--- ॐ जिनका संकल्प सदैव सिद्ध होता हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव योगेश्वराय नमः
--- ॐ जो योग के इश्वर हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव भगवते नमः
--- ॐ जो समस्त दैविये गुणों के स्वामी हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव भक्तवत्सलाय नमः
--- ॐ जो भक्तों पर वात्सल्य का रस बरसाने वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव सत्यपुरुषाय नमः
--- ॐ जो धर्मपरायण, सतपुरुष हैं उन ऐसे श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव पुरुषोत्तमाय नमः
--- ॐ जो पुरषोत्तम अर्थात श्रीराम के अवतार हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव सत्यतत्वबोधकाय नमः
--- ॐ जो सत्य के तत्व का बोध कराने वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव कामादिषडूवैरिध्वासिने नमः
--- ॐ जो समस्त सांसारिक इच्छाओं और छः विकारों (काम, क्रोध, मोहो, मद, मत्सर) का नाश करने वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव अभेदानन्दानुभवरप्रदाय नमः
--- ॐ जो भक्तों लो स्वयं में एकाकार कर उससे उत्पन्न आनन्द का अनुभव प्रदान करने वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव समसर्वमतसंमताय नमः
--- ॐ जो सभी धर्म समान हैं, ऐसी धारणा रखने वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव दक्षिणामूर्तये नमः
--- ॐ जो श्रीबाळ केशव रुपी हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव वेंकटेशरमणाय नमः
--- ॐ जो भगवान विष्णु से प्रेम वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव अदभुतांतचर्याय नमः
--- ॐ जो अदभुत और अनन्त लीलाओं को करने वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव प्रपन्नार्तीहराय नमः
--- ॐ जो शरण में आये भक्तों के संकट का हरण करने वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव संसारसर्वदुखक्षरूपय नमः
--- ॐ जो संसार के समस्त दुखों का नाश करने वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव सर्वत्सिव्रतोपुखाय नमः
--- ॐ जो त्रिकालदर्शी और सर्वव्यापी हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव सर्वमंगलकराय नमः
--- ॐ जो समस्त जग का कल्याण करने वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव सर्वाभीष्टप्रदाय नमः
--- ॐ जो समस्त प्राणियों की कल्याणकारी इच्छायों को पूरा करने वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

 ॐ श्रीबाळ केशव रामरसतन्मर्गस्थानपनाय नमः
--- ॐ जो विभिन्न धर्मों के अनुयायियों को एकता और समानता के सूत्र में पिरोकर सन्मार्ग की स्थापना करने वाले हैं उन श्रीबाळ केशव को नमस्कार

॥ श्रीबाळ केशव स्मरणात् परिपूर्णतास्तु॥
॥इति॥



Monday, January 22, 2018

वंदनिय बाळासाहेब ठाकरे.

वंदनिय बाळासाहेब ठाकरे......
प्रबोधनाची परंपरा असणार्‍या घरात, पुणे येथे बाळासाहेब ठाकरे यांचा जन्म झाला. त्यांचे वडील केशव सीताराम ठाकरे उर्फ प्रबोधनकार त्या काळात आपल्या लेखनातून, वक्तृत्वातून तसेच कार्याच्या माध्यमातून लोकजागरणाची धुरा सांभाळत होते. प्रबोधनकार अन्यायकारक रूढी-परंपरांवर व जातिभेदात्मक वर्णव्यवस्थेवर कडाडून हल्ला चढवत होते. तसेच संयुक्त महाराष्ट्र चळवळीतील त्यांचे योगदानही महत्त्वपूर्ण होते. प्रबोधनाचा, पुरोगामी विचारांचा व आक्रमक वृत्तीचा प्रबोधनकारांचा वारसा बाळासाहेबांमध्येही कळत-नकळतपणे उतरला.
सर्वप्रथम एक कलाकार म्हणून -एक व्यंगचित्रकार म्हणून- त्यांनी सामाजिक प्रश्र्नांवर भाष्य करण्यास सुरुवात केली. १९५० मध्ये ते फ्री प्रेस जर्नल’ मध्ये व्यंगचित्रकार म्हणून रुजू झाले. पुढील काळात त्यांनी ज्येष्ठ व्यंगचित्रकार आर.के.लक्ष्मण यांच्यासमवेतही काही काळ काम केले. फ्री प्रेस जर्नलमध्ये काम करीत असतानाच बाळासाहेब विविध संस्थांसाठी, कंपन्यांसाठी व नियतकालिकांसाठी चित्रे-व्यंगचित्रे-जाहिरातीचे डिझाईन या माध्यमातूनही काम करीत असत.
पुढे बाळासाहेबांनी नोकरी सोडून स्वत:चे साप्ताहिक (व्यंगचित्रात्मक) काढण्याचा निर्णय घेतला. या निर्णयानुसार त्यांनी ऑगस्ट, १९६० मध्ये ‘मार्मिक’ हे साप्ताहिक सुरू केले. साप्ताहिकासाठीचे हे ‘मार्मिक’ नाव बाळासाहेबांना प्रबोधनकारांनीच सुचविले. मराठीतील हे पहिले व्यंगचित्र साप्ताहिक ठरले. ‘मार्मिक’ च्या पहिल्या अंकाचे प्रकाशन तत्कालीन मुख्यमंत्री यशवंतराव चव्हाण यांच्या हस्ते झाले. या समारंभास प्रा. अनंत काणेकरही उपस्थित होते. महाराष्ट्राच्या उद्धारासाठी आणि मराठी माणसाच्या स्वाभिमान जागृतीसाठीच बाळासाहेबांनी मार्मिकची सुरुवात केली. संयुक्त महाराष्ट्र स्थापन झालेला होता, पण प्रामुख्याने मुंबईत मराठी माणसावर अन्याय होतच होता. या प्रश्र्नाला मार्मिकने वाचा फोडली. महाराष्ट्रात येऊन मराठी माणसाबद्दल अनादर बाळगणार्‍यांना बाळासाहेबांनी प्रथम व्यंगचित्रांच्या माध्यमातून वठणीवर आणण्याचा प्रयत्न केला. १९६० पासून ते आजतागायत राष्ट्रीय व महाराष्ट्र राज्य स्तरावरील प्रत्येक महत्त्वाच्या घडामोडीत, तसेच इतिहासाच्या प्रत्येक टप्प्यावर मराठी जनांना मार्गदर्शन करत ‘मार्मिक ’ अतिशय महत्त्वाची भूमिका बजावत आहे.
महाराष्ट्रात निर्माण झालेले - मराठी द्वेषाचे व मराठी माणसांवरील अन्यायाचे - व्यंग केवळ चित्रांनी दूर होणार नाही. त्यासाठी आणखी संघटित प्रयत्न करायला हवेत असा विचार बाळासाहेबांनी केला. हर हर महादेवची गर्जना मराठी माणसाच्या मनात पुन्हा एकदा घुमायला हवी आणि प्रत्येक मराठी माणसाने महाराष्ट्राचा स्वाभिमान मनात बाळगायला हवा यासाठी बाळासाहेबांनी १९ जून, १९६६ रोजी ‘शिवसेनेची स्थापना केली. समाजसुधारकांची समृद्ध परंपरा असलेला महाराष्ट्र पुरोगामी आहे, पण मराठी माणूस मागेच राहिला आहे. महाराष्ट्रात सुविधा आहेत, पण मराठी माणूस दु-विधेत आहे. महाराष्ट्रात उद्योग आहेत, पण मराठी तरुण बेरोजगार; तर महाराष्ट्रात पैसा आहे पण मराठी माणूस गरीब. ही परिस्थिती बाळासाहेबांसारख्या सूक्ष्म निरीक्षकाने ओळखली. महाराष्ट्राला भारतात मान आहे पण मराठी माणूस महाराष्ट्रातच (प्रामुख्याने मुंबईत) अपमानित होतो आहे. हा विरोधाभास बाळासाहेबांनी शिवसेनेच्या माध्यमातून महाराष्ट्राच्या लक्षात आणून दिला. यातूनच मराठी माणूस संघटित झाला. शिवसेनेचा पहिला मेळावा ३०ऑक्टोबर,१९६६ रोजी शिवाजी पार्क मैदानावर संपन्न झाला. या मेळाव्यास सुमारे ५ लाख लोकांनी गर्दी केली होती. या मेळाव्यापासूनच शिवसेनाप्रमुख बाळासाहेब आणि शिवतीर्थावरील (शिवाजी पार्कवरील) मराठी माणसांची प्रचंड गर्दी यांच्यामध्ये नातेसंबंध प्रस्थापित होण्यास सुरुवात झाली. तेव्हापासून आजपर्यंत शिवतीर्थावरून बाळासाहेब महाराष्ट्राला काय संदेश देतात याकडे जनतेचे, राजकीय नेत्यांचे, पत्रकारांचे, अभ्यासकांचे लक्ष असते.
वक्तृत्वाबरोबरच भेदक लेखन हेदेखील बाळासाहेबांच्या व्यक्तिमत्त्वाचे एक महत्त्वपूर्ण वैशिष्ट्य. प्रबोधनकार ठाकरे व आचार्य अत्रे यांचा प्रभाव त्यांच्या लेखनात जाणवतो. शिवाय व्यंगचित्रकाराची वेधक - वेचक निरीक्षणदृष्टीही त्यांच्यामध्ये आहेच. ‘सामना’ हे केवळ शिवसेनेचे मुखपत्र नसून जिवंत महाराष्ट्रीय माणसाचा तो हुंकार आहे असे म्हटल्यास ती अतिशयोक्ती होणार नाही. ‘सामना’ तील संपादक बाळ ठाकरे यांच्या अग्रलेखांची वाट पूर्ण महाराष्ट्र पाहत असतो.
प्रथम मुंबई - ठाणे यासारख्या शहरी भागातच लोकप्रिय असणारी शिवसेना हा-हा म्हणता ग्रामीण महाराष्ट्रातही झपाट्याने पसरत गेली. शिवसेनेने शहरी भागातील नगरसेवक पदे , महानगरपालिकांची महापौर पदे, ग्रामीण भागातील ग्रामपंचायत - पंचायत समिती - जिल्हा परिषद स्तरावरील लोकप्रतिनिधित्व अशी सत्तापदे मिळवत सुरुवात केली. पुढील काळात स्वत: शिवसेनाप्रमुख बाळासाहेब व भा.ज.प. चे दिवंगत नेते प्रमोद महाजन यांच्या मुत्सद्दीपणातून शिवसेना-भा.ज.प. युती आकाराला आली. तसेच पुढे प्रामुख्याने शिवसेनाप्रमुखांच्या झंझावाती सभांमुळे-दौर्‍यांमुळे १९९५ मध्ये शिवसेना-भारतीय जनता पार्टीचे सरकार महाराष्ट्रात स्थापन झाले, आणि मनोहर जोशी हे शिवशाहीचे पहिले मुख्यमंत्री बनले. हे महाराष्ट्रातील खर्‍या अर्थाने पहिले कॉंग्रेसेतर सरकार होते. हा सत्तांतराचा चमत्कार शिवसेनाप्रमुख बाळासाहेब ठाकरे यांच्या वक्तृत्व व कार्यशैलीमुळेच घडला.
महाराष्ट्राविषयीचा प्रखर अभिमान व मुंबईवरील प्रेम या विषयांसह हिंदुत्व या मुद्याबाबतही बाळासाहेबांनी आपले विचार रोखठोकपणे मांडले. बॉंबस्फोट, देशविघातक कृत्ये घडवणार्‍या धर्मांधांना या देशात राहण्याचा अधिकार नाही. मतपेटीचे राजकारण करत मुस्लिमांचे लांगुलचालन कोणी करू नये. भारताला आपला देश मानणार्‍या राष्ट्रवादी मुस्लीम लोकांना आपला कोणत्याही प्रकारचा विरोध नाही - असे स्पष्ट विचार त्यांनी शिवसैनिकांसमोर व जनतेसमोर मांडले. या स्पष्ट व रोखठोक भूमिकेमुळेच हिंदुहृदयसम्राट ही त्यांना प्राप्त झालेली उपाधी सार्थ ठरते. ‘गर्व से कहो हम हिंदू है’ या घोषणेला खरा अर्थ महाराष्ट्रात प्राप्त झाला तो शिवसेनाप्रमुखांमुळेच.
झुणका-भाकर केंद्रांची योजना, वृद्धाश्रमांची साखळी, वृद्धांना सवलती, झोपडपट्टीवासीयांना घरे, मुंबई-पुणे द्रुतगती मार्ग, मुंबईतील उड्डाणपूल, बॉम्बे चे मुंबई असे नामकरण... अशा अनेक योजना-प्रकल्पांची मूळ संकल्पना ही बाळासाहेबांचीच. व्हॅलेंटाईन डे सारख्या संस्कृतीविघातक पाश्र्चिमात्य उत्सवांना विरोध, परप्रांतियांच्या विरोधातील तसेच बांगलादेशींच्या विरोधातील आंदोलने यांमागचा विचारही बाळासाहेबांचाच. बाळासाहेबांनी राजकारणात (सत्ताकारणात) जात या घटकाचा अजिबात विचार केला नाही. तसेच त्यांनी तरुणांच्या आकांक्षांना पंख लावले. त्यामुळेच अनेक जातीपातींच्या मराठी तरुणांना विविध सत्तापदे प्राप्त झाली, होत आहेत. हाच इतर पक्षांत व शिवसेनेत आणि इतर नेत्यांत व बाळासाहेबांमध्ये असलेला फरक होय.
जातीपातींचे राजकारण, सहकारी संस्था - साखर कारखाने स्थापन करून केलेले सत्ताकारण, कुटील राजकीय डावपेच असेमहाराष्ट्रातील परंपरागत राजकारण बाळासाहेब ठाकरे यांनी केले नाही. तरुणांची मने महाराष्ट्राच्या अभिमानाने भारून टाकणे, जनतेच्या मनातील विचार नेमके ओळखून, त्यांची नाडी Hओळखून ते विचार एकमेवाद्वितीय अशा वक्तृत्व शैलीच्या साहाय्याने मांडणे आणि आक्रमक संघटनेच्या माध्यमातून विविध आंदोलने अंमलात आणणे - अशी कार्यपद्धती बाळासाहेबांनी अवलंबिली. मनोहर जोशी, सुधीर जोशी, कै. प्रमोद नवलकर, मधुकर सरपोतदार, छगन भुजबळ, सुरेश प्रभु, कै.आनंद दिघे, दत्ताजी नलावडे,.... असे असंख्य नेते बाळासाहेबांनी घडविले. शिवसेनेचे सध्याचे कार्यकारी प्रमुख उद्धव ठाकरे तसेच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेनेचे अध्यक्ष राज ठाकरे यांच्या जडणघडणीतही अर्थातच बाळासाहेब ठाकरे यांचाच मोठा वाटा आहे. स्वत: प्रत्यक्ष कोणतेही सत्तापद न भूषविता सत्ताकारणाला योग्य ती दिशा देणे ही राजकारणाची - सत्ताकारणाची पद्धतही खास बाळासाहेबांचीच.
अनेक नेते येतात आणि जातात. निवडणूक, प्रचार, पद, पैसा आणि शेवटी एखादा पुतळा एवढ्यावरच बहुतेक राजकारण्यांचे राजकारण संपून जाते. पण लोकांच्या हितासाठी जिवाच्या आकांताने लढणारा योद्धा मात्र कधीच संपत नाही. शिवसेनाप्रमुख बाळासाहेब केशव ठाकरे हे असेच योद्धे आहेत.
मराठी असंतोषाचा उद्घोष व मराठी अस्मितेचा जयघोष म्हणजे शिवसेनाप्रमुख बाळासाहेब ठाकरे यांचा आवाज. छत्रपती शिवरायांच्या भूमीत जन्मलेल्या प्रत्येकाच्या हृदयात दोनच गोष्टी अखंडपणे तेवत आहेत. त्यातील पहिली गोष्ट म्हणजे शिवरायांचे कर्तृत्व आणि दुसरी गोष्ट म्हणजे हिंदुहृदयसम्राट शिवसेनाप्रमुख बाळासाहेब ठाकरे यांचे आक्रमक, प्रेरणादायी असे वक्तृत्व व विचार.

Thursday, November 16, 2017

असे प्रेमळ होते आमचे सर्वांचे लाडके मोठे साहेब

असे प्रेमळ होते आमचे सर्वांचे लाडके मोठे साहेब ,






 आदरणीय, सन्मानीय, गौरवणीय; पुजनीय, हिन्दू
हद्रयसम्राट शिवसेनाप्रमुख बाळासाहेंब ठाकरे
यांच्या स्मृतीस विनम्र अभिवादन....॥Gracious Tribute to the "Legend of Pure Love"Koti Pranams to Dear Hindu Hriday Samrat Sri Bala Saaheb Thakrey

In "My Beloved Hindu Hriday Samrat Sri Bala Saaheb Thakrey - Teachings, Experiences and Miracles"
The relationship with Bala Saaheb Thakrey is so sacred, so divine, so beyond human judgement…each day, in so many ways, it purifies you, protects you, provides innumerable opportunities to you, makes you aware of who you were, who you are and who you can be.

No words can describe your love for us. Please shower your grace on us to follow your teachings and path so that we are worthy of calling ourselves your disciples.

Thursday, August 14, 2008

SRI SRI H.H. BALA SAAHEB

Balasaheb Thackeray
He has been so overwhelmed by the image that it's difficult to find the real Bal Thackeray. The man who left his cartoonist's job because he wasn't given a raise went on to form the mother of all parochial parties, the Shiv Sena. And from Marathi manoos, he has extended his grasp to style himself the Hindu Hriday Samrat, often using means dubbed unfair by the "secularists". Of course, some might even call it ethnic cleansing.
Whatever it was, it certainly got him the nation's attention. Before that, of course, was Ayodhya. The sight of Shiv Sainiks swarming over the Babri Masjid filled his heart with pride. So much so that there were soon two MPs from his party gracing the halls of Parliament. A bit out of their depth, but learning. Now there are four and the politically correct term for Sena politics is regional, not parochial. You may detest him, but you cannot ignore him. Wherever anyone is tempted to scoff at regionalism, Bal Thackeray's name rattles to the fore as an example of what can be accomplished by an emotive leader who talks and thinks exactly like the masses he has commandeered. Even before the saffron flag of the Shiv Sena fluttered over the Maharashtra Assemby from 1995, Thackeray had made cosmopolitan Bombay into Marathi Mumbai. Only he could have done that, raising the question of whether only he can make it stay that way.